Saturday, 22 March 2014

Pleasant Personality Develop करने के 10 Tips.....

हम रोज़ाना बहुत से लोगों से मिलते हैं पर कुछ -एक लोग ही ऐसे होते हैं जो हमें प्रभावित कर जाते हैं. ऐसे लोगों के लिए ही हम कहते हैं कि, the person has got a pleasant personality. ऐसी personality वाले लोग अक्सर खुशहाल होते हैं और उनकी हर जगह respect होती है, उन्हें like किया जाता है, parties में invite किया जाता है और job में इन्हें promotion भी जल्दी मिलता है. Naturally, हम सभी ऐसी personality possess करना चाहेंगे और आज मैं अपने इस article में ऐसे ही 10 points share कर रही हूँ जो आपको एक आकर्षक व्यक्तित्व पाने में help कर सकते हैं....

1. लोगों को Genuinely(दिल खोलकर) like करिए :
-

जब हम किसी से मिलते हैं तो मन में उस person की एक image बना लेते हैं. ये image positive, negative या neutral हो सकती है. पर अगर हम अपनी personality improve करना चाहते हैं तो हमें इस image को intentionally positive बनाना होगा. हमें अपने mind को train करना होगा कि वो लोगों में अच्छाई खोजे बुराई नहीं. ये करना इतना मुश्किल नहीं है, अगर आप mind को अच्छाई खोजने के लिए निर्देश देंगे तो वो खोज निकालेगा.

हमें लोगों के साथ patient(धैर्यवान) होना चाहिए, उनकी किसी कमी या shortcoming से irritate होने की बजाये खुद को उनकी जगह रख कर देखना चाहिए. क्या पता अगर हम भी उन्ही जैसे circumstnaces में पले-बढे होते तो उन जैसे ही होते!!! इसलिए differences को सेलिब्रेट करिए उनसे irritate मत होइये.

Friends, हमारे चारो -तरफ फैली negativity हमें बहुत प्रभावित करती है, हम रोज़ चोरी, धोखा -धडी, fraud की खबरें सुनते हैं और शायद इसी वजह से आदमी का आदमी पर से विश्वास उठता जा रही है. मैं ये नहीं कहती की आप आँख -मूँद कर लोगों पर trust करिए, पर ये ज़रूर कहूँगी कि आँख -मूँद कर लोगों पर distrust मत करिए. ज्यादातर लोग अच्छे होते हैं; कम से कम उनके साथ तो होते ही हैं जो उनके साथ अच्छा होता है, आप लोगों के साथ अच्छा बनिए, उन्हें like करिए और बदले में वे भी आपके साथ ऐसा ही करेंगे.

Ralph Waldo Emerson ने कहा भी है, “मैं जिस व्यक्ति से भी मिलता हूँ वह किसी ना किसी रूप में मुझसे बेहतर है.”

तो जब हर कोई हमसे किसी न किसी रूप में बेहतर है तो उसे like तो किया ही जा सकता है!

2. मुसकुराहट के साथ मिलिए(Meet pleasantly) :-

जब आप अपने best friend से मिलते हैं तो क्या होता है ? आप एक दूसरे को देखकर smile करते हैं, isn’t it ?

मुस्कराना जाहिर करता है कि आप सामने वाले को पसंद करते हैं. यही बात हर तरह की relations में लागू होती है; इसलिए आप जब भी किसी से मिलें (of course कुछ exceptions हैं ) तो चहरे पर एक genuine smile लाइए, इससे लोग आपको पसंद करेंगे, आपसे मिलकर खुश होंगे. आपकी मुस्कराहट के जवाब में मुस्कराहट न मिले ऐसा कम ही होगा, और होता भी है तो let it be आपको अपना part अच्छे से play करना है बस.

ये सुनने में काफी आसान लग रही होगा, करना ही क्या है, बस हल्का सा smile ही तो करना है, बहुत से log naturally ऐसा करते भी हैं; पर बहुत से लोग इस छोटी सी बात पर गौर नहीं करते, और अगर आप भी नहीं करते तो इसे अपनी practice में लाइए. एक मुस्कुराता चेहरा एक flat या stern face से कहीं अधिक आकर्षक होता है, और आपकी personality को attractive बनाने में बहुत मददगार होता है.

मुस्कुराने से एक और फायदा भी है, as per some research; जब हम अन्दर से खुश होते हैं तो हमारे एक्सटर्नल expressions उसी हिसाब से change हो जाते हैं, हमें देखकर ही लोग समझ जाते हैं कि हम खुश हैं; और ठीक इसका उल्टा भी सही है, यानि जब हम अपने बाहरी expressions खुशनुमा बना लेते हैं तो उसका असर हमारे internal mood पर भी पड़ता है और वो अच्छा हो जाता है.

So, don’t forget to carry a sweet smile wherever you go.

3. नाम रहे ध्यान :-

किसी व्यक्ति के लिए उसका नाम दुनिया के बाकी सभी नामों से ज्यादा importance रखता है. इसिलए जब आप किसी से बात करें तो बीच -बीच में उसका नाम लेते रहिये. Of course अगर व्यक्ति आपसे senior है तो आपको नाम के साथ ज़रूरी suffix या prefix लगाना होगा.

बीच -बीच में नाम लेने से सामने वाला अपनी importance feel करता है और साथ ही आपकी तरफ ध्यान भी अधिक देता है. And definitely वो इस बात से खुश होता है कि आप उसके नाम को importance दे रहे हैं.

Friends, नाम याद रखने में मैं भी थोडी कच्ची थी, यहाँ तक कि कई बार नाम जानने के 2 minute बाद ही वो ध्यान से उतर जाता था. ऐसा basically इसलिए होता था क्योंकि मैं नाम याद रखने की कोशिश ही नहीं करती थी; पर अब मैं intentionally एक बार नाम सुनने के बाद उसे याद रखने की कोशिश करती हूँ. आप भी “नाम की महत्ता को समझिये ”, नाम याद रखना आपको एक बहुत बड़ी edge दे देता है.

4. “I” से पहले “You” को रखिये :-

आप किसे अधिक पसंद करेंगे: जो अपने मतलब की बात करे या उसे जो आपके मतलब की बात करे ?

Of course आप दूसरा option choose करेंगे …हर एक इंसान पहले खुद को रखने में लगा हुआ है …मैं ऐसा हूँ, मुझे ये अच्छा लगता है, मैं ये करता हूँ ….isn’t it. पर आप इससे अलग करिए आप “I” से पहले “You” को रखिये.

आप कैसे हैं “, आपको क्या अच्छा लगता है ?, आप क्या करते हैं, ?

सिर्फ actors, cricketers, या writers ही नहीं एक आम आदमी भी audience चाहता है …जब आप एक आम आदमी के audience बनते हैं तो आप उसके लिए ख़ास हो जाते हैं. और जब आप बहुत से लोगों के साथ ऐसा करते हैं तो आप बहुत से लोगों के लिए ख़ास हो जाते हैं and in the process आप एक Person से बढ़कर एक Personality बन जाते हैं, एक ऐसी personality जिसे सभी पसंद करते हैं, जिसका charisma सभी को influence कर जाता है.

5. बोलने से पहले सुनिए :-

इसे आप पॉइंट 4 का extension कह सकते हैं. जब आप दूसरे में interest लेते हैं तो इसमें इमानदारी होनी चाहिए. आपने “ आप क्या पसंद करते हैं ?” इसलिए नहीं पूछा कि बस वो जल्दी से अपना जवाब ख़तम करे और आप अपनी राम -कथा सुनाने लग जाएं.

आपको सामने वाले को सिर्फ पहले बोलने का मौका ही नहीं देना है, बल्कि उसकी बात को ध्यान से सुनना भी है और बीच -बीच में उससे related और भी बातें करनी हैं. For ex: अगर कोई कहती है कि उसे घूमने का शौक है, तो आप उससे पूछ सकते हैं कि उसकी favourite tourist destination क्या है, और वहां पर कौन -कौन सी जगह अच्छी हैं.

अच्छे listeners की demand कभी कम नहीं होती आप एक अच्छा listener बनिए और देखिये कि किस तरह आपकी demand बढ़ जाती है.

6. क्या कहते हैं से भी ज़रूरी है कैसे कहते हैं :-

आप जो बोलते हैं उससे भी अधिक महत्त्व रखता है कि आप कैसे बोलते हैं. For ex. आपसे कोई गलती हुई और आप मुंह बना कर sorry बोलते हैं तो उस sorry का कोई मतलब नहीं. हमें न सिर्फ सही words use करने हैं बल्कि उन्हें किस तरह से कहा जा रही है इस बात का भी ध्यान रखना है.

इसलिए आप अपनी tone और body language पे ध्यान दीजिये, जितना हो सके polite और well-mannered तरीके से लोगों से बात करिए.

यहाँ मैं ये भी कहना चाहूँगी कि बहुत से लोग English बोलने की ability को Personality से relate कर के देखते हैं, जबकि ऐसा नहीं है, आप बिना A,B,C जाने भी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले इंसान बन सकते हैं.

7. बिना अपना फायदा सोचे लोगों की help करिए :-

कई बार हम ऐसी स्थिति में होते हैं कि दूसरों की help कर सकें, पर out of laziness या फिर ये सोचकर कि इसमें हमारा कोई फायदा नहीं है हम help नहीं करते. पर एक pleasant personality वाला व्यक्ति लोगों की help के लिए तैयार रहता है. हाँ, इसका ये मतलब नहीं है कि आप अपने ज़रूरी काम छोड़ कर बस लोगों की help ही करते रहे, लेकिन अगर थोडा वक़्त देने पर आप किसी के काम आ सकते हैं तो ज़रूर आएं. आपकी एक selfless help आपको दूसरों की ही नहीं अपनी नज़रों में भी उठा देगी और आप अच्छा feel करेंगे.

आपने सुना भी होगा ; “A little bit of fragrance always clings to the hands that gives you roses”

8. अपने external appearance को अच्छा बनाइये :-

चूँकि हमारा पहला impression हमारी appearance की वजह से ही बनता है इसलिए इस point पर थोडा ध्यान देने की ज़रुरत है.

Appearance से मेरा ये मतलब नहीं है कि आप Gym जाने लगिए और body बनाइये, या फिर beauty –parlour के चक्कर लगाते रहिये, it simply means कि आप occasion के हिसाब से dress-up होइये और personal hygiene पर ध्यान द्जिये. छोटी –छोटी बातें जैसे कि आपका hair-cut, nails और polished shoe आपकी personality पर प्रभाव डालते हैं.

9. क्या appreciate कर सकते हैं खोजिये :-

चाहे मैं हूँ, आप हों, या फिर Mr. Bachchan, तारीफ सुनना सबको पसंद है. लोगों का दिल जीतने का और अपना friend बनाने का ये एक शानदार formula है …प्रशंशा कीजिये, सच्ची प्रशंशा कीजिये.

India में ना जाने क्यों किसी की तारीफ़ करना इतना कठिन हो जाता है … शादियों में जो ऑर्केस्ट्रा होती है उसमे ज़रूर गए होंगे ….बेचारा गायक एक शानदार गीत गाता है है और तालियाँ बजाने की बजाये लोग एक -दूसरे के चेहरे देखने लगते हैं …; अच्छा हुआ मैं orchestra में नहीं गाती नहीं तो ऐसी audience की वजह से depression में चली जाती.

खैर, मैं यहाँ individual level पे praise करने की बात कर रही हूँ. अगर आप खोजेंगे तो हर इंसान में आपको तारीफ करने के लिए कुछ न कुछ दिख जाएगा ….वो कुछ भी हो सकता है …उसका garden, coins का collection, बढियां से सजाया कमरा, उसकी smile, उसका नाम, कुछ भी, खोजिये तो सही आपको दिख ही जायेगा. और जब दिख जाए तो दब्बू बन कर मत बैठे रहिये, किसी की तारीफ़ करके आप उसे वो देंगे जो वो दिल से चाहता है …आप उसकी ख़ुशी को बढ़ा देंगे, उसका दिन बना देंगे, और सबसे बड़ी चीज आप उसे वो काम आगे भी carry करने के लिए fuel दे देंगे. अगर सामने बोलने से हिचकते हैं तो बाद में एक sms कर दीजिये, मेल से बता दीजिये, पर अगर कुछ praiseworthy है तो उसे praise ज़रूर करिए.

हाँ अगर बहुत कोशिश करने पर भी वो ना मिले तो don’t try to fake it…बच्चे भी समझ जाते हैं कि आप सच्ची तारीफ कर रहे हैं या झूठी.

10. लगातार observe और improve करते रहिये :-

Personality development एक on-going process है. हम सब में improvement का infinite scope है, इसलिए कभी ये मत समझिये कि बस अब जिंतना improvement होना था हो गया, बल्कि अपने लिए कुछ समय निकाल कर अपनी activities, अपने words को minutely observe करिए, आपने क्या किया, आप उसे और अच्छा कैसे कर सकते हैं, कहीं ऐसा तो नहीं कि आप किसी चीज को लेकर खुद को तीस-मारखां समझ रहे हैं और हकीकत में लोग आपकी इस बात को पसंद नहीं करते.

For ex. कुछ साल पहले मैंने realize किया कि लोगों में जल्दी improvement लाने के चक्कर में मैं इतने अधिक mistakes point out कर देती कि उनका confidence कम हो जाता; so I improved on this point और अब मैं patiently ये काम करती हूँ. अरे भाई HR ही सही से बेहवे नहीं करेगा तो freshers को कैसे सिखायेंगे. आप भी इस रास्ते पर बढ़ते हुए खुद को observe करते चलिए, और लगातार improve करते जाइये.

I hope ये 10 बातें आपको अपनी personality pleasant बनाने में help करेंगी.

अब क्या करना है ?

अब आपको इन दस बातों की बारी-बारी से प्रैक्टिस करनी है. To start with आप अपनी पसंद का कोई एक point choose कर लें, ध्यान रहे कि एक बार में सिर्फ और सिर्फ एक point पर ही focus करना है. Choose करने के बाद इसे real life में apply करें. अपनी day-today activities में खुद पर नज़र रखें और देखें कि आप सचमुच उसे apply कर पा रहे हैं या नहीं. जब एक हफ्ते ऐसा कर लें तो दूसरे point को उठाएं और अब उसकी practice करें. इस दौरान आप पहले point को भी apply करते रहे, पर अगर वो miss भी हो जाता है to don’t worry फिलहाल आपका focus point 2 है, और वो नहीं miss होना चाहिए.

इसी तरह से आप बाकी points की भी practice करते रहिये, और कुछ ही महीनो में आप पाएंगे कि एक साथ सारी बातों पर ध्यान दे पा रहे हैं. Just be patient and keep on moving, and surely आप जल्द ही एक pleasant personality के मालिक होंगे.
 
हम रोज़ाना बहुत से लोगों से मिलते हैं पर कुछ -एक लोग ही ऐसे होते हैं जो हमें प्रभावित कर जाते हैं. ऐसे लोगों के लिए ही हम कहते हैं कि, the person has got a pleasant personality. ऐसी personality वाले लोग अक्सर खुशहाल होते हैं और उनकी हर जगह respect होती है, उन्हें like किया जाता है, parties में invite किया जाता है और job में इन्हें promotion भी जल्दी मिलता है. Naturally, हम सभी ऐसी personality possess करना चाहेंगे और आज मैं अपने इस article में ऐसे ही 10 points share कर रही हूँ जो आपको एक आकर्षक व्यक्तित्व पाने में help कर सकते हैं....
1. लोगों को Genuinely(दिल खोलकर) like करिए :-
जब हम किसी से मिलते हैं तो मन में उस person की एक image बना लेते हैं. ये image positive, negative या neutral हो सकती है. पर अगर हम अपनी personality improve करना चाहते हैं तो हमें इस image को intentionally positive बनाना होगा. हमें अपने mind को train करना होगा कि वो लोगों में अच्छाई खोजे बुराई नहीं. ये करना इतना मुश्किल नहीं है, अगर आप mind को अच्छाई खोजने के लिए निर्देश देंगे तो वो खोज निकालेगा.
हमें लोगों के साथ patient(धैर्यवान) होना चाहिए, उनकी किसी कमी या shortcoming से irritate होने की बजाये खुद को उनकी जगह रख कर देखना चाहिए. क्या पता अगर हम भी उन्ही जैसे circumstnaces में पले-बढे होते तो उन जैसे ही होते!!! इसलिए differences को सेलिब्रेट करिए उनसे irritate मत होइये.
Friends, हमारे चारो -तरफ फैली negativity हमें बहुत प्रभावित करती है, हम रोज़ चोरी, धोखा -धडी, fraud की खबरें सुनते हैं और शायद इसी वजह से आदमी का आदमी पर से विश्वास उठता जा रही है. मैं ये नहीं कहती की आप आँख -मूँद कर लोगों पर trust करिए, पर ये ज़रूर कहूँगी कि आँख -मूँद कर लोगों पर distrust मत करिए. ज्यादातर लोग अच्छे होते हैं; कम से कम उनके साथ तो होते ही हैं जो उनके साथ अच्छा होता है, आप लोगों के साथ अच्छा बनिए, उन्हें like करिए और बदले में वे भी आपके साथ ऐसा ही करेंगे.
Ralph Waldo Emerson ने कहा भी है, “मैं जिस व्यक्ति से भी मिलता हूँ वह किसी ना किसी रूप में मुझसे बेहतर है.”
तो जब हर कोई हमसे किसी न किसी रूप में बेहतर है तो उसे like तो किया ही जा सकता है!
2. मुसकुराहट के साथ मिलिए(Meet pleasantly) :-
जब आप अपने best friend से मिलते हैं तो क्या होता है ? आप एक दूसरे को देखकर smile करते हैं, isn’t it ?
मुस्कराना जाहिर करता है कि आप सामने वाले को पसंद करते हैं. यही बात हर तरह की relations में लागू होती है; इसलिए आप जब भी किसी से मिलें (of course कुछ exceptions हैं ) तो चहरे पर एक genuine smile लाइए, इससे लोग आपको पसंद करेंगे, आपसे मिलकर खुश होंगे. आपकी मुस्कराहट के जवाब में मुस्कराहट न मिले ऐसा कम ही होगा, और होता भी है तो let it be आपको अपना part अच्छे से play करना है बस.
ये सुनने में काफी आसान लग रही होगा, करना ही क्या है, बस हल्का सा smile ही तो करना है, बहुत से log naturally ऐसा करते भी हैं; पर बहुत से लोग इस छोटी सी बात पर गौर नहीं करते, और अगर आप भी नहीं करते तो इसे अपनी practice में लाइए. एक मुस्कुराता चेहरा एक flat या stern face से कहीं अधिक आकर्षक होता है, और आपकी personality को attractive बनाने में बहुत मददगार होता है.
मुस्कुराने से एक और फायदा भी है, as per some research; जब हम अन्दर से खुश होते हैं तो हमारे एक्सटर्नल expressions उसी हिसाब से change हो जाते हैं, हमें देखकर ही लोग समझ जाते हैं कि हम खुश हैं; और ठीक इसका उल्टा भी सही है, यानि जब हम अपने बाहरी expressions खुशनुमा बना लेते हैं तो उसका असर हमारे internal mood पर भी पड़ता है और वो अच्छा हो जाता है.
So, don’t forget to carry a sweet smile wherever you go.
3. नाम रहे ध्यान :-
किसी व्यक्ति के लिए उसका नाम दुनिया के बाकी सभी नामों से ज्यादा importance रखता है. इसिलए जब आप किसी से बात करें तो बीच -बीच में उसका नाम लेते रहिये. Of course अगर व्यक्ति आपसे senior है तो आपको नाम के साथ ज़रूरी suffix या prefix लगाना होगा.
बीच -बीच में नाम लेने से सामने वाला अपनी importance feel करता है और साथ ही आपकी तरफ ध्यान भी अधिक देता है. And definitely वो इस बात से खुश होता है कि आप उसके नाम को importance दे रहे हैं.
Friends, नाम याद रखने में मैं भी थोडी कच्ची थी, यहाँ तक कि कई बार नाम जानने के 2 minute बाद ही वो ध्यान से उतर जाता था. ऐसा basically इसलिए होता था क्योंकि मैं नाम याद रखने की कोशिश ही नहीं करती थी; पर अब मैं intentionally एक बार नाम सुनने के बाद उसे याद रखने की कोशिश करती हूँ. आप भी “नाम की महत्ता को समझिये ”, नाम याद रखना आपको एक बहुत बड़ी edge दे देता है.
4. “I” से पहले “You” को रखिये :-
आप किसे अधिक पसंद करेंगे: जो अपने मतलब की बात करे या उसे जो आपके मतलब की बात करे ?
Of course आप दूसरा option choose करेंगे …हर एक इंसान पहले खुद को रखने में लगा हुआ है …मैं ऐसा हूँ, मुझे ये अच्छा लगता है, मैं ये करता हूँ ….isn’t it. पर आप इससे अलग करिए आप “I” से पहले “You” को रखिये.
आप कैसे हैं “, आपको क्या अच्छा लगता है ?, आप क्या करते हैं, ?
सिर्फ actors, cricketers, या writers ही नहीं एक आम आदमी भी audience चाहता है …जब आप एक आम आदमी के audience बनते हैं तो आप उसके लिए ख़ास हो जाते हैं. और जब आप बहुत से लोगों के साथ ऐसा करते हैं तो आप बहुत से लोगों के लिए ख़ास हो जाते हैं and in the process आप एक Person से बढ़कर एक Personality बन जाते हैं, एक ऐसी personality जिसे सभी पसंद करते हैं, जिसका charisma सभी को influence कर जाता है.
5. बोलने से पहले सुनिए :-
इसे आप पॉइंट 4 का extension कह सकते हैं. जब आप दूसरे में interest लेते हैं तो इसमें इमानदारी होनी चाहिए. आपने “ आप क्या पसंद करते हैं ?” इसलिए नहीं पूछा कि बस वो जल्दी से अपना जवाब ख़तम करे और आप अपनी राम -कथा सुनाने लग जाएं.
आपको सामने वाले को सिर्फ पहले बोलने का मौका ही नहीं देना है, बल्कि उसकी बात को ध्यान से सुनना भी है और बीच -बीच में उससे related और भी बातें करनी हैं. For ex: अगर कोई कहती है कि उसे घूमने का शौक है, तो आप उससे पूछ सकते हैं कि उसकी favourite tourist destination क्या है, और वहां पर कौन -कौन सी जगह अच्छी हैं.
अच्छे listeners की demand कभी कम नहीं होती आप एक अच्छा listener बनिए और देखिये कि किस तरह आपकी demand बढ़ जाती है.
6. क्या कहते हैं से भी ज़रूरी है कैसे कहते हैं :-
आप जो बोलते हैं उससे भी अधिक महत्त्व रखता है कि आप कैसे बोलते हैं. For ex. आपसे कोई गलती हुई और आप मुंह बना कर sorry बोलते हैं तो उस sorry का कोई मतलब नहीं. हमें न सिर्फ सही words use करने हैं बल्कि उन्हें किस तरह से कहा जा रही है इस बात का भी ध्यान रखना है.
इसलिए आप अपनी tone और body language पे ध्यान दीजिये, जितना हो सके polite और well-mannered तरीके से लोगों से बात करिए.
यहाँ मैं ये भी कहना चाहूँगी कि बहुत से लोग English बोलने की ability को Personality से relate कर के देखते हैं, जबकि ऐसा नहीं है, आप बिना A,B,C जाने भी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले इंसान बन सकते हैं.
7. बिना अपना फायदा सोचे लोगों की help करिए :-
कई बार हम ऐसी स्थिति में होते हैं कि दूसरों की help कर सकें, पर out of laziness या फिर ये सोचकर कि इसमें हमारा कोई फायदा नहीं है हम help नहीं करते. पर एक pleasant personality वाला व्यक्ति लोगों की help के लिए तैयार रहता है. हाँ, इसका ये मतलब नहीं है कि आप अपने ज़रूरी काम छोड़ कर बस लोगों की help ही करते रहे, लेकिन अगर थोडा वक़्त देने पर आप किसी के काम आ सकते हैं तो ज़रूर आएं. आपकी एक selfless help आपको दूसरों की ही नहीं अपनी नज़रों में भी उठा देगी और आप अच्छा feel करेंगे.
आपने सुना भी होगा ; “A little bit of fragrance always clings to the hands that gives you roses”
8. अपने external appearance को अच्छा बनाइये :-
चूँकि हमारा पहला impression हमारी appearance की वजह से ही बनता है इसलिए इस point पर थोडा ध्यान देने की ज़रुरत है.
Appearance से मेरा ये मतलब नहीं है कि आप Gym जाने लगिए और body बनाइये, या फिर beauty –parlour के चक्कर लगाते रहिये, it simply means कि आप occasion के हिसाब से dress-up होइये और personal hygiene पर ध्यान द्जिये. छोटी –छोटी बातें जैसे कि आपका hair-cut, nails और polished shoe आपकी personality पर प्रभाव डालते हैं.
9. क्या appreciate कर सकते हैं खोजिये :-
चाहे मैं हूँ, आप हों, या फिर Mr. Bachchan, तारीफ सुनना सबको पसंद है. लोगों का दिल जीतने का और अपना friend बनाने का ये एक शानदार formula है …प्रशंशा कीजिये, सच्ची प्रशंशा कीजिये.
India में ना जाने क्यों किसी की तारीफ़ करना इतना कठिन हो जाता है … शादियों में जो ऑर्केस्ट्रा होती है उसमे ज़रूर गए होंगे ….बेचारा गायक एक शानदार गीत गाता है है और तालियाँ बजाने की बजाये लोग एक -दूसरे के चेहरे देखने लगते हैं …; अच्छा हुआ मैं orchestra में नहीं गाती नहीं तो ऐसी audience की वजह से depression में चली जाती. 
खैर, मैं यहाँ individual level पे praise करने की बात कर रही हूँ. अगर आप खोजेंगे तो हर इंसान में आपको तारीफ करने के लिए कुछ न कुछ दिख जाएगा ….वो कुछ भी हो सकता है …उसका garden, coins का collection, बढियां से सजाया कमरा, उसकी smile, उसका नाम, कुछ भी, खोजिये तो सही आपको दिख ही जायेगा. और जब दिख जाए तो दब्बू बन कर मत बैठे रहिये, किसी की तारीफ़ करके आप उसे वो देंगे जो वो दिल से चाहता है …आप उसकी ख़ुशी को बढ़ा देंगे, उसका दिन बना देंगे, और सबसे बड़ी चीज आप उसे वो काम आगे भी carry करने के लिए fuel दे देंगे. अगर सामने बोलने से हिचकते हैं तो बाद में एक sms कर दीजिये, मेल से बता दीजिये, पर अगर कुछ praiseworthy है तो उसे praise ज़रूर करिए.
हाँ अगर बहुत कोशिश करने पर भी वो ना मिले तो don’t try to fake it…बच्चे भी समझ जाते हैं कि आप सच्ची तारीफ कर रहे हैं या झूठी.
10. लगातार observe और improve करते रहिये :-
Personality development एक on-going process है. हम सब में improvement का infinite scope है, इसलिए कभी ये मत समझिये कि बस अब जिंतना improvement होना था हो गया, बल्कि अपने लिए कुछ समय निकाल कर अपनी activities, अपने words को minutely observe करिए, आपने क्या किया, आप उसे और अच्छा कैसे कर सकते हैं, कहीं ऐसा तो नहीं कि आप किसी चीज को लेकर खुद को तीस-मारखां समझ रहे हैं और हकीकत में लोग आपकी इस बात को पसंद नहीं करते.
For ex. कुछ साल पहले मैंने realize किया कि लोगों में जल्दी improvement लाने के चक्कर में मैं इतने अधिक mistakes point out कर देती कि उनका confidence कम हो जाता; so I improved on this point और अब मैं patiently ये काम करती हूँ. अरे भाई HR ही सही से बेहवे नहीं करेगा तो freshers को कैसे सिखायेंगे. आप भी इस रास्ते पर बढ़ते हुए खुद को observe करते चलिए, और लगातार improve करते जाइये.
I hope ये 10 बातें आपको अपनी personality pleasant बनाने में help करेंगी.
अब क्या करना है ?
अब आपको इन दस बातों की बारी-बारी से प्रैक्टिस करनी है. To start with आप अपनी पसंद का कोई एक point choose कर लें, ध्यान रहे कि एक बार में सिर्फ और सिर्फ एक point पर ही focus करना है. Choose करने के बाद इसे real life में apply करें. अपनी day-today activities में खुद पर नज़र रखें और देखें कि आप सचमुच उसे apply कर पा रहे हैं या नहीं. जब एक हफ्ते ऐसा कर लें तो दूसरे point को उठाएं और अब उसकी practice करें. इस दौरान आप पहले point को भी apply करते रहे, पर अगर वो miss भी हो जाता है to don’t worry फिलहाल आपका focus point 2 है, और वो नहीं miss होना चाहिए.
इसी तरह से आप बाकी points की भी practice करते रहिये, और कुछ ही महीनो में आप पाएंगे कि एक साथ सारी बातों पर ध्यान दे पा रहे हैं. Just be patient and keep on moving, and surely आप जल्द ही एक pleasant personality के मालिक होंगे.
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हम रोज़ाना बहुत से लोगों से मिलते हैं पर कुछ -एक लोग ही ऐसे होते हैं जो हमें प्रभावित कर जाते हैं. ऐसे लोगों के लिए ही हम कहते हैं कि, the person has got a pleasant personality. ऐसी personality वाले लोग अक्सर खुशहाल होते हैं और उनकी हर जगह respect होती है, उन्हें like किया जाता है, parties में invite किया जाता है और job में इन्हें promotion भी जल्दी मिलता है. Naturally, हम सभी ऐसी personality possess करना चाहेंगे और आज मैं अपने इस article में ऐसे ही 10 points share कर रही हूँ जो आपको एक आकर्षक व्यक्तित्व पाने में help कर सकते हैं....
1. लोगों को Genuinely(दिल खोलकर) like करिए :-
जब हम किसी से मिलते हैं तो मन में उस person की एक image बना लेते हैं. ये image positive, negative या neutral हो सकती है. पर अगर हम अपनी personality improve करना चाहते हैं तो हमें इस image को intentionally positive बनाना होगा. हमें अपने mind को train करना होगा कि वो लोगों में अच्छाई खोजे बुराई नहीं. ये करना इतना मुश्किल नहीं है, अगर आप mind को अच्छाई खोजने के लिए निर्देश देंगे तो वो खोज निकालेगा.
हमें लोगों के साथ patient(धैर्यवान) होना चाहिए, उनकी किसी कमी या shortcoming से irritate होने की बजाये खुद को उनकी जगह रख कर देखना चाहिए. क्या पता अगर हम भी उन्ही जैसे circumstnaces में पले-बढे होते तो उन जैसे ही होते!!! इसलिए differences को सेलिब्रेट करिए उनसे irritate मत होइये.
Friends, हमारे चारो -तरफ फैली negativity हमें बहुत प्रभावित करती है, हम रोज़ चोरी, धोखा -धडी, fraud की खबरें सुनते हैं और शायद इसी वजह से आदमी का आदमी पर से विश्वास उठता जा रही है. मैं ये नहीं कहती की आप आँख -मूँद कर लोगों पर trust करिए, पर ये ज़रूर कहूँगी कि आँख -मूँद कर लोगों पर distrust मत करिए. ज्यादातर लोग अच्छे होते हैं; कम से कम उनके साथ तो होते ही हैं जो उनके साथ अच्छा होता है, आप लोगों के साथ अच्छा बनिए, उन्हें like करिए और बदले में वे भी आपके साथ ऐसा ही करेंगे.
Ralph Waldo Emerson ने कहा भी है, “मैं जिस व्यक्ति से भी मिलता हूँ वह किसी ना किसी रूप में मुझसे बेहतर है.”
तो जब हर कोई हमसे किसी न किसी रूप में बेहतर है तो उसे like तो किया ही जा सकता है!
2. मुसकुराहट के साथ मिलिए(Meet pleasantly) :-
जब आप अपने best friend से मिलते हैं तो क्या होता है ? आप एक दूसरे को देखकर smile करते हैं, isn’t it ?
मुस्कराना जाहिर करता है कि आप सामने वाले को पसंद करते हैं. यही बात हर तरह की relations में लागू होती है; इसलिए आप जब भी किसी से मिलें (of course कुछ exceptions हैं ) तो चहरे पर एक genuine smile लाइए, इससे लोग आपको पसंद करेंगे, आपसे मिलकर खुश होंगे. आपकी मुस्कराहट के जवाब में मुस्कराहट न मिले ऐसा कम ही होगा, और होता भी है तो let it be आपको अपना part अच्छे से play करना है बस.
ये सुनने में काफी आसान लग रही होगा, करना ही क्या है, बस हल्का सा smile ही तो करना है, बहुत से log naturally ऐसा करते भी हैं; पर बहुत से लोग इस छोटी सी बात पर गौर नहीं करते, और अगर आप भी नहीं करते तो इसे अपनी practice में लाइए. एक मुस्कुराता चेहरा एक flat या stern face से कहीं अधिक आकर्षक होता है, और आपकी personality को attractive बनाने में बहुत मददगार होता है.
मुस्कुराने से एक और फायदा भी है, as per some research; जब हम अन्दर से खुश होते हैं तो हमारे एक्सटर्नल expressions उसी हिसाब से change हो जाते हैं, हमें देखकर ही लोग समझ जाते हैं कि हम खुश हैं; और ठीक इसका उल्टा भी सही है, यानि जब हम अपने बाहरी expressions खुशनुमा बना लेते हैं तो उसका असर हमारे internal mood पर भी पड़ता है और वो अच्छा हो जाता है.
So, don’t forget to carry a sweet smile wherever you go.
3. नाम रहे ध्यान :-
किसी व्यक्ति के लिए उसका नाम दुनिया के बाकी सभी नामों से ज्यादा importance रखता है. इसिलए जब आप किसी से बात करें तो बीच -बीच में उसका नाम लेते रहिये. Of course अगर व्यक्ति आपसे senior है तो आपको नाम के साथ ज़रूरी suffix या prefix लगाना होगा.
बीच -बीच में नाम लेने से सामने वाला अपनी importance feel करता है और साथ ही आपकी तरफ ध्यान भी अधिक देता है. And definitely वो इस बात से खुश होता है कि आप उसके नाम को importance दे रहे हैं.
Friends, नाम याद रखने में मैं भी थोडी कच्ची थी, यहाँ तक कि कई बार नाम जानने के 2 minute बाद ही वो ध्यान से उतर जाता था. ऐसा basically इसलिए होता था क्योंकि मैं नाम याद रखने की कोशिश ही नहीं करती थी; पर अब मैं intentionally एक बार नाम सुनने के बाद उसे याद रखने की कोशिश करती हूँ. आप भी “नाम की महत्ता को समझिये ”, नाम याद रखना आपको एक बहुत बड़ी edge दे देता है.
4. “I” से पहले “You” को रखिये :-
आप किसे अधिक पसंद करेंगे: जो अपने मतलब की बात करे या उसे जो आपके मतलब की बात करे ?
Of course आप दूसरा option choose करेंगे …हर एक इंसान पहले खुद को रखने में लगा हुआ है …मैं ऐसा हूँ, मुझे ये अच्छा लगता है, मैं ये करता हूँ ….isn’t it. पर आप इससे अलग करिए आप “I” से पहले “You” को रखिये.
आप कैसे हैं “, आपको क्या अच्छा लगता है ?, आप क्या करते हैं, ?
सिर्फ actors, cricketers, या writers ही नहीं एक आम आदमी भी audience चाहता है …जब आप एक आम आदमी के audience बनते हैं तो आप उसके लिए ख़ास हो जाते हैं. और जब आप बहुत से लोगों के साथ ऐसा करते हैं तो आप बहुत से लोगों के लिए ख़ास हो जाते हैं and in the process आप एक Person से बढ़कर एक Personality बन जाते हैं, एक ऐसी personality जिसे सभी पसंद करते हैं, जिसका charisma सभी को influence कर जाता है.
5. बोलने से पहले सुनिए :-
इसे आप पॉइंट 4 का extension कह सकते हैं. जब आप दूसरे में interest लेते हैं तो इसमें इमानदारी होनी चाहिए. आपने “ आप क्या पसंद करते हैं ?” इसलिए नहीं पूछा कि बस वो जल्दी से अपना जवाब ख़तम करे और आप अपनी राम -कथा सुनाने लग जाएं.
आपको सामने वाले को सिर्फ पहले बोलने का मौका ही नहीं देना है, बल्कि उसकी बात को ध्यान से सुनना भी है और बीच -बीच में उससे related और भी बातें करनी हैं. For ex: अगर कोई कहती है कि उसे घूमने का शौक है, तो आप उससे पूछ सकते हैं कि उसकी favourite tourist destination क्या है, और वहां पर कौन -कौन सी जगह अच्छी हैं.
अच्छे listeners की demand कभी कम नहीं होती आप एक अच्छा listener बनिए और देखिये कि किस तरह आपकी demand बढ़ जाती है.
6. क्या कहते हैं से भी ज़रूरी है कैसे कहते हैं :-
आप जो बोलते हैं उससे भी अधिक महत्त्व रखता है कि आप कैसे बोलते हैं. For ex. आपसे कोई गलती हुई और आप मुंह बना कर sorry बोलते हैं तो उस sorry का कोई मतलब नहीं. हमें न सिर्फ सही words use करने हैं बल्कि उन्हें किस तरह से कहा जा रही है इस बात का भी ध्यान रखना है.
इसलिए आप अपनी tone और body language पे ध्यान दीजिये, जितना हो सके polite और well-mannered तरीके से लोगों से बात करिए.
यहाँ मैं ये भी कहना चाहूँगी कि बहुत से लोग English बोलने की ability को Personality से relate कर के देखते हैं, जबकि ऐसा नहीं है, आप बिना A,B,C जाने भी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले इंसान बन सकते हैं.
7. बिना अपना फायदा सोचे लोगों की help करिए :-
कई बार हम ऐसी स्थिति में होते हैं कि दूसरों की help कर सकें, पर out of laziness या फिर ये सोचकर कि इसमें हमारा कोई फायदा नहीं है हम help नहीं करते. पर एक pleasant personality वाला व्यक्ति लोगों की help के लिए तैयार रहता है. हाँ, इसका ये मतलब नहीं है कि आप अपने ज़रूरी काम छोड़ कर बस लोगों की help ही करते रहे, लेकिन अगर थोडा वक़्त देने पर आप किसी के काम आ सकते हैं तो ज़रूर आएं. आपकी एक selfless help आपको दूसरों की ही नहीं अपनी नज़रों में भी उठा देगी और आप अच्छा feel करेंगे.
आपने सुना भी होगा ; “A little bit of fragrance always clings to the hands that gives you roses”
8. अपने external appearance को अच्छा बनाइये :-
चूँकि हमारा पहला impression हमारी appearance की वजह से ही बनता है इसलिए इस point पर थोडा ध्यान देने की ज़रुरत है.
Appearance से मेरा ये मतलब नहीं है कि आप Gym जाने लगिए और body बनाइये, या फिर beauty –parlour के चक्कर लगाते रहिये, it simply means कि आप occasion के हिसाब से dress-up होइये और personal hygiene पर ध्यान द्जिये. छोटी –छोटी बातें जैसे कि आपका hair-cut, nails और polished shoe आपकी personality पर प्रभाव डालते हैं.
9. क्या appreciate कर सकते हैं खोजिये :-
चाहे मैं हूँ, आप हों, या फिर Mr. Bachchan, तारीफ सुनना सबको पसंद है. लोगों का दिल जीतने का और अपना friend बनाने का ये एक शानदार formula है …प्रशंशा कीजिये, सच्ची प्रशंशा कीजिये.
India में ना जाने क्यों किसी की तारीफ़ करना इतना कठिन हो जाता है … शादियों में जो ऑर्केस्ट्रा होती है उसमे ज़रूर गए होंगे ….बेचारा गायक एक शानदार गीत गाता है है और तालियाँ बजाने की बजाये लोग एक -दूसरे के चेहरे देखने लगते हैं …; अच्छा हुआ मैं orchestra में नहीं गाती नहीं तो ऐसी audience की वजह से depression में चली जाती. 
खैर, मैं यहाँ individual level पे praise करने की बात कर रही हूँ. अगर आप खोजेंगे तो हर इंसान में आपको तारीफ करने के लिए कुछ न कुछ दिख जाएगा ….वो कुछ भी हो सकता है …उसका garden, coins का collection, बढियां से सजाया कमरा, उसकी smile, उसका नाम, कुछ भी, खोजिये तो सही आपको दिख ही जायेगा. और जब दिख जाए तो दब्बू बन कर मत बैठे रहिये, किसी की तारीफ़ करके आप उसे वो देंगे जो वो दिल से चाहता है …आप उसकी ख़ुशी को बढ़ा देंगे, उसका दिन बना देंगे, और सबसे बड़ी चीज आप उसे वो काम आगे भी carry करने के लिए fuel दे देंगे. अगर सामने बोलने से हिचकते हैं तो बाद में एक sms कर दीजिये, मेल से बता दीजिये, पर अगर कुछ praiseworthy है तो उसे praise ज़रूर करिए.
हाँ अगर बहुत कोशिश करने पर भी वो ना मिले तो don’t try to fake it…बच्चे भी समझ जाते हैं कि आप सच्ची तारीफ कर रहे हैं या झूठी.
10. लगातार observe और improve करते रहिये :-
Personality development एक on-going process है. हम सब में improvement का infinite scope है, इसलिए कभी ये मत समझिये कि बस अब जिंतना improvement होना था हो गया, बल्कि अपने लिए कुछ समय निकाल कर अपनी activities, अपने words को minutely observe करिए, आपने क्या किया, आप उसे और अच्छा कैसे कर सकते हैं, कहीं ऐसा तो नहीं कि आप किसी चीज को लेकर खुद को तीस-मारखां समझ रहे हैं और हकीकत में लोग आपकी इस बात को पसंद नहीं करते.
For ex. कुछ साल पहले मैंने realize किया कि लोगों में जल्दी improvement लाने के चक्कर में मैं इतने अधिक mistakes point out कर देती कि उनका confidence कम हो जाता; so I improved on this point और अब मैं patiently ये काम करती हूँ. अरे भाई HR ही सही से बेहवे नहीं करेगा तो freshers को कैसे सिखायेंगे. आप भी इस रास्ते पर बढ़ते हुए खुद को observe करते चलिए, और लगातार improve करते जाइये.
I hope ये 10 बातें आपको अपनी personality pleasant बनाने में help करेंगी.
अब क्या करना है ?
अब आपको इन दस बातों की बारी-बारी से प्रैक्टिस करनी है. To start with आप अपनी पसंद का कोई एक point choose कर लें, ध्यान रहे कि एक बार में सिर्फ और सिर्फ एक point पर ही focus करना है. Choose करने के बाद इसे real life में apply करें. अपनी day-today activities में खुद पर नज़र रखें और देखें कि आप सचमुच उसे apply कर पा रहे हैं या नहीं. जब एक हफ्ते ऐसा कर लें तो दूसरे point को उठाएं और अब उसकी practice करें. इस दौरान आप पहले point को भी apply करते रहे, पर अगर वो miss भी हो जाता है to don’t worry फिलहाल आपका focus point 2 है, और वो नहीं miss होना चाहिए.
इसी तरह से आप बाकी points की भी practice करते रहिये, और कुछ ही महीनो में आप पाएंगे कि एक साथ सारी बातों पर ध्यान दे पा रहे हैं. Just be patient and keep on moving, and surely आप जल्द ही एक pleasant personality के मालिक होंगे.
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हम रोज़ाना बहुत से लोगों से मिलते हैं पर कुछ -एक लोग ही ऐसे होते हैं जो हमें प्रभावित कर जाते हैं. ऐसे लोगों के लिए ही हम कहते हैं कि, the person has got a pleasant personality. ऐसी personality वाले लोग अक्सर खुशहाल होते हैं और उनकी हर जगह respect होती है, उन्हें like किया जाता है, parties में invite किया जाता है और job में इन्हें promotion भी जल्दी मिलता है. Naturally, हम सभी ऐसी personality possess करना चाहेंगे और आज मैं अपने इस article में ऐसे ही 10 points share कर रही हूँ जो आपको एक आकर्षक व्यक्तित्व पाने में help कर सकते हैं....
1. लोगों को Genuinely(दिल खोलकर) like करिए :-
जब हम किसी से मिलते हैं तो मन में उस person की एक image बना लेते हैं. ये image positive, negative या neutral हो सकती है. पर अगर हम अपनी personality improve करना चाहते हैं तो हमें इस image को intentionally positive बनाना होगा. हमें अपने mind को train करना होगा कि वो लोगों में अच्छाई खोजे बुराई नहीं. ये करना इतना मुश्किल नहीं है, अगर आप mind को अच्छाई खोजने के लिए निर्देश देंगे तो वो खोज निकालेगा.
हमें लोगों के साथ patient(धैर्यवान) होना चाहिए, उनकी किसी कमी या shortcoming से irritate होने की बजाये खुद को उनकी जगह रख कर देखना चाहिए. क्या पता अगर हम भी उन्ही जैसे circumstnaces में पले-बढे होते तो उन जैसे ही होते!!! इसलिए differences को सेलिब्रेट करिए उनसे irritate मत होइये.
Friends, हमारे चारो -तरफ फैली negativity हमें बहुत प्रभावित करती है, हम रोज़ चोरी, धोखा -धडी, fraud की खबरें सुनते हैं और शायद इसी वजह से आदमी का आदमी पर से विश्वास उठता जा रही है. मैं ये नहीं कहती की आप आँख -मूँद कर लोगों पर trust करिए, पर ये ज़रूर कहूँगी कि आँख -मूँद कर लोगों पर distrust मत करिए. ज्यादातर लोग अच्छे होते हैं; कम से कम उनके साथ तो होते ही हैं जो उनके साथ अच्छा होता है, आप लोगों के साथ अच्छा बनिए, उन्हें like करिए और बदले में वे भी आपके साथ ऐसा ही करेंगे.
Ralph Waldo Emerson ने कहा भी है, “मैं जिस व्यक्ति से भी मिलता हूँ वह किसी ना किसी रूप में मुझसे बेहतर है.”
तो जब हर कोई हमसे किसी न किसी रूप में बेहतर है तो उसे like तो किया ही जा सकता है!
2. मुसकुराहट के साथ मिलिए(Meet pleasantly) :-
जब आप अपने best friend से मिलते हैं तो क्या होता है ? आप एक दूसरे को देखकर smile करते हैं, isn’t it ?
मुस्कराना जाहिर करता है कि आप सामने वाले को पसंद करते हैं. यही बात हर तरह की relations में लागू होती है; इसलिए आप जब भी किसी से मिलें (of course कुछ exceptions हैं ) तो चहरे पर एक genuine smile लाइए, इससे लोग आपको पसंद करेंगे, आपसे मिलकर खुश होंगे. आपकी मुस्कराहट के जवाब में मुस्कराहट न मिले ऐसा कम ही होगा, और होता भी है तो let it be आपको अपना part अच्छे से play करना है बस.
ये सुनने में काफी आसान लग रही होगा, करना ही क्या है, बस हल्का सा smile ही तो करना है, बहुत से log naturally ऐसा करते भी हैं; पर बहुत से लोग इस छोटी सी बात पर गौर नहीं करते, और अगर आप भी नहीं करते तो इसे अपनी practice में लाइए. एक मुस्कुराता चेहरा एक flat या stern face से कहीं अधिक आकर्षक होता है, और आपकी personality को attractive बनाने में बहुत मददगार होता है.
मुस्कुराने से एक और फायदा भी है, as per some research; जब हम अन्दर से खुश होते हैं तो हमारे एक्सटर्नल expressions उसी हिसाब से change हो जाते हैं, हमें देखकर ही लोग समझ जाते हैं कि हम खुश हैं; और ठीक इसका उल्टा भी सही है, यानि जब हम अपने बाहरी expressions खुशनुमा बना लेते हैं तो उसका असर हमारे internal mood पर भी पड़ता है और वो अच्छा हो जाता है.
So, don’t forget to carry a sweet smile wherever you go.
3. नाम रहे ध्यान :-
किसी व्यक्ति के लिए उसका नाम दुनिया के बाकी सभी नामों से ज्यादा importance रखता है. इसिलए जब आप किसी से बात करें तो बीच -बीच में उसका नाम लेते रहिये. Of course अगर व्यक्ति आपसे senior है तो आपको नाम के साथ ज़रूरी suffix या prefix लगाना होगा.
बीच -बीच में नाम लेने से सामने वाला अपनी importance feel करता है और साथ ही आपकी तरफ ध्यान भी अधिक देता है. And definitely वो इस बात से खुश होता है कि आप उसके नाम को importance दे रहे हैं.
Friends, नाम याद रखने में मैं भी थोडी कच्ची थी, यहाँ तक कि कई बार नाम जानने के 2 minute बाद ही वो ध्यान से उतर जाता था. ऐसा basically इसलिए होता था क्योंकि मैं नाम याद रखने की कोशिश ही नहीं करती थी; पर अब मैं intentionally एक बार नाम सुनने के बाद उसे याद रखने की कोशिश करती हूँ. आप भी “नाम की महत्ता को समझिये ”, नाम याद रखना आपको एक बहुत बड़ी edge दे देता है.
4. “I” से पहले “You” को रखिये :-
आप किसे अधिक पसंद करेंगे: जो अपने मतलब की बात करे या उसे जो आपके मतलब की बात करे ?
Of course आप दूसरा option choose करेंगे …हर एक इंसान पहले खुद को रखने में लगा हुआ है …मैं ऐसा हूँ, मुझे ये अच्छा लगता है, मैं ये करता हूँ ….isn’t it. पर आप इससे अलग करिए आप “I” से पहले “You” को रखिये.
आप कैसे हैं “, आपको क्या अच्छा लगता है ?, आप क्या करते हैं, ?
सिर्फ actors, cricketers, या writers ही नहीं एक आम आदमी भी audience चाहता है …जब आप एक आम आदमी के audience बनते हैं तो आप उसके लिए ख़ास हो जाते हैं. और जब आप बहुत से लोगों के साथ ऐसा करते हैं तो आप बहुत से लोगों के लिए ख़ास हो जाते हैं and in the process आप एक Person से बढ़कर एक Personality बन जाते हैं, एक ऐसी personality जिसे सभी पसंद करते हैं, जिसका charisma सभी को influence कर जाता है.
5. बोलने से पहले सुनिए :-
इसे आप पॉइंट 4 का extension कह सकते हैं. जब आप दूसरे में interest लेते हैं तो इसमें इमानदारी होनी चाहिए. आपने “ आप क्या पसंद करते हैं ?” इसलिए नहीं पूछा कि बस वो जल्दी से अपना जवाब ख़तम करे और आप अपनी राम -कथा सुनाने लग जाएं.
आपको सामने वाले को सिर्फ पहले बोलने का मौका ही नहीं देना है, बल्कि उसकी बात को ध्यान से सुनना भी है और बीच -बीच में उससे related और भी बातें करनी हैं. For ex: अगर कोई कहती है कि उसे घूमने का शौक है, तो आप उससे पूछ सकते हैं कि उसकी favourite tourist destination क्या है, और वहां पर कौन -कौन सी जगह अच्छी हैं.
अच्छे listeners की demand कभी कम नहीं होती आप एक अच्छा listener बनिए और देखिये कि किस तरह आपकी demand बढ़ जाती है.
6. क्या कहते हैं से भी ज़रूरी है कैसे कहते हैं :-
आप जो बोलते हैं उससे भी अधिक महत्त्व रखता है कि आप कैसे बोलते हैं. For ex. आपसे कोई गलती हुई और आप मुंह बना कर sorry बोलते हैं तो उस sorry का कोई मतलब नहीं. हमें न सिर्फ सही words use करने हैं बल्कि उन्हें किस तरह से कहा जा रही है इस बात का भी ध्यान रखना है.
इसलिए आप अपनी tone और body language पे ध्यान दीजिये, जितना हो सके polite और well-mannered तरीके से लोगों से बात करिए.
यहाँ मैं ये भी कहना चाहूँगी कि बहुत से लोग English बोलने की ability को Personality से relate कर के देखते हैं, जबकि ऐसा नहीं है, आप बिना A,B,C जाने भी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले इंसान बन सकते हैं.
7. बिना अपना फायदा सोचे लोगों की help करिए :-
कई बार हम ऐसी स्थिति में होते हैं कि दूसरों की help कर सकें, पर out of laziness या फिर ये सोचकर कि इसमें हमारा कोई फायदा नहीं है हम help नहीं करते. पर एक pleasant personality वाला व्यक्ति लोगों की help के लिए तैयार रहता है. हाँ, इसका ये मतलब नहीं है कि आप अपने ज़रूरी काम छोड़ कर बस लोगों की help ही करते रहे, लेकिन अगर थोडा वक़्त देने पर आप किसी के काम आ सकते हैं तो ज़रूर आएं. आपकी एक selfless help आपको दूसरों की ही नहीं अपनी नज़रों में भी उठा देगी और आप अच्छा feel करेंगे.
आपने सुना भी होगा ; “A little bit of fragrance always clings to the hands that gives you roses”
8. अपने external appearance को अच्छा बनाइये :-
चूँकि हमारा पहला impression हमारी appearance की वजह से ही बनता है इसलिए इस point पर थोडा ध्यान देने की ज़रुरत है.
Appearance से मेरा ये मतलब नहीं है कि आप Gym जाने लगिए और body बनाइये, या फिर beauty –parlour के चक्कर लगाते रहिये, it simply means कि आप occasion के हिसाब से dress-up होइये और personal hygiene पर ध्यान द्जिये. छोटी –छोटी बातें जैसे कि आपका hair-cut, nails और polished shoe आपकी personality पर प्रभाव डालते हैं.
9. क्या appreciate कर सकते हैं खोजिये :-
चाहे मैं हूँ, आप हों, या फिर Mr. Bachchan, तारीफ सुनना सबको पसंद है. लोगों का दिल जीतने का और अपना friend बनाने का ये एक शानदार formula है …प्रशंशा कीजिये, सच्ची प्रशंशा कीजिये.
India में ना जाने क्यों किसी की तारीफ़ करना इतना कठिन हो जाता है … शादियों में जो ऑर्केस्ट्रा होती है उसमे ज़रूर गए होंगे ….बेचारा गायक एक शानदार गीत गाता है है और तालियाँ बजाने की बजाये लोग एक -दूसरे के चेहरे देखने लगते हैं …; अच्छा हुआ मैं orchestra में नहीं गाती नहीं तो ऐसी audience की वजह से depression में चली जाती. 
खैर, मैं यहाँ individual level पे praise करने की बात कर रही हूँ. अगर आप खोजेंगे तो हर इंसान में आपको तारीफ करने के लिए कुछ न कुछ दिख जाएगा ….वो कुछ भी हो सकता है …उसका garden, coins का collection, बढियां से सजाया कमरा, उसकी smile, उसका नाम, कुछ भी, खोजिये तो सही आपको दिख ही जायेगा. और जब दिख जाए तो दब्बू बन कर मत बैठे रहिये, किसी की तारीफ़ करके आप उसे वो देंगे जो वो दिल से चाहता है …आप उसकी ख़ुशी को बढ़ा देंगे, उसका दिन बना देंगे, और सबसे बड़ी चीज आप उसे वो काम आगे भी carry करने के लिए fuel दे देंगे. अगर सामने बोलने से हिचकते हैं तो बाद में एक sms कर दीजिये, मेल से बता दीजिये, पर अगर कुछ praiseworthy है तो उसे praise ज़रूर करिए.
हाँ अगर बहुत कोशिश करने पर भी वो ना मिले तो don’t try to fake it…बच्चे भी समझ जाते हैं कि आप सच्ची तारीफ कर रहे हैं या झूठी.
10. लगातार observe और improve करते रहिये :-
Personality development एक on-going process है. हम सब में improvement का infinite scope है, इसलिए कभी ये मत समझिये कि बस अब जिंतना improvement होना था हो गया, बल्कि अपने लिए कुछ समय निकाल कर अपनी activities, अपने words को minutely observe करिए, आपने क्या किया, आप उसे और अच्छा कैसे कर सकते हैं, कहीं ऐसा तो नहीं कि आप किसी चीज को लेकर खुद को तीस-मारखां समझ रहे हैं और हकीकत में लोग आपकी इस बात को पसंद नहीं करते.
For ex. कुछ साल पहले मैंने realize किया कि लोगों में जल्दी improvement लाने के चक्कर में मैं इतने अधिक mistakes point out कर देती कि उनका confidence कम हो जाता; so I improved on this point और अब मैं patiently ये काम करती हूँ. अरे भाई HR ही सही से बेहवे नहीं करेगा तो freshers को कैसे सिखायेंगे. आप भी इस रास्ते पर बढ़ते हुए खुद को observe करते चलिए, और लगातार improve करते जाइये.
I hope ये 10 बातें आपको अपनी personality pleasant बनाने में help करेंगी.
अब क्या करना है ?
अब आपको इन दस बातों की बारी-बारी से प्रैक्टिस करनी है. To start with आप अपनी पसंद का कोई एक point choose कर लें, ध्यान रहे कि एक बार में सिर्फ और सिर्फ एक point पर ही focus करना है. Choose करने के बाद इसे real life में apply करें. अपनी day-today activities में खुद पर नज़र रखें और देखें कि आप सचमुच उसे apply कर पा रहे हैं या नहीं. जब एक हफ्ते ऐसा कर लें तो दूसरे point को उठाएं और अब उसकी practice करें. इस दौरान आप पहले point को भी apply करते रहे, पर अगर वो miss भी हो जाता है to don’t worry फिलहाल आपका focus point 2 है, और वो नहीं miss होना चाहिए.
इसी तरह से आप बाकी points की भी practice करते रहिये, और कुछ ही महीनो में आप पाएंगे कि एक साथ सारी बातों पर ध्यान दे पा रहे हैं. Just be patient and keep on moving, and surely आप जल्द ही एक pleasant personality के मालिक होंगे.
- See more at: http://www.oyepages.com/blog/view/id/52870820bc54b2fc08000010#sthash.4Ud8OkvO.dpuf

Funny Facts About Engineers

          

Engineering is considered as one of the most difficult course in the world. You must have heard the fact that “Scientists study the world as it is; engineers create the world that has never been.” They say engineering is not child’s play. One must have some supernatural powers to become an engineer. Given below are the facts which makes engineers awesome.
  • For engineers every course apart from engineering is easy.
  • An engineer learns to power of getting up at 9.25 am and reaching in the class at 9.30 am.
  • T-shirt and jeans are engineers national dress and maggie national food.
  • A normal person will fix the broken things but an engineer will first brake that thing and than he would fix it. This is his lab work you don’t have any right to disturb him.
  • An engineer can build a car, space ship and they even can make time machine. However they just can’t build a relationship with a girl.
  • An engineer don’t care for the rise in rate of petrol or gold but they get mad when cigarette costs Rs.2.45 instead of 2.40.
  • An engineer loves to solve a problem. If there is no problem than they will create one and would start solving it.
  • An engineer touches his car and phone more than his girl, if he have.
  • An engineer can have Dr. title but a doctor can’t have Er. title.
  • An engineer can derive any relation just give them the final expression.
  • Are you made of copper(CU) and tellurium(TE), because you’re CUTE.
    This is how Engineers flirt.
  • Non engineers have great mind, genius mind , brilliant mind but an engineer “never mind.”
  • An engineers’s worst nightmare is teacher taking the class but not taking attendance.
  • An engineer can finish his syllabus in one night.
  • An Engineer knows nothing, but only an Engineer knows this.
  • An Engineer will never sleep in night and will never wake up in morning.
  • An Engineer is the most innocent person in front of his parents.
  • Never argue with an engineer because arguing with Engineers is like killing the mosquito on your cheek, you might or might not kill it, but you’ll end up slapping yourself.
  • The most common dialogue on the opening day of an engineering college is, “Bhai, iss saal bhi koi khaas ladkiya nahi hain!” 
  • No one can speak better English than an engineer who is having a bottle of beer in his hand.
  • There is always a hidden folder in engineers laptop.
Now when you have opted for engineering than don’t regret it. Enjoy engineering because we are the engineers and we rocks.
Cheers.

 

Friday, 21 March 2014

Top 10 interview questions with answers

We all are afraid of interviews. Whenever we think of the word “interview”, a little unusual feeling of discomfort arises. Even though we have got good marks and our communication skill is also apt but still we are not enough confident to face an interview. It is seen that students who have scored 80 to 85 % marks didn’t get a job just because they stumbled upon an interview question and an average student shining high just because he was well prepared.

So here are the Top 10 interview questions with  answer.

Q.1) “Tell me about yourself “
Ans.1) Most of the time an interview starts with a question where you have to tell about yourself. Outline your main attributes and qualities which are related to the job. Avoid personal information like your family or your back ground but keep glued to convey the information relevant for the job. Keep is short, well rehearsed and be confident while speaking. No one knows you better than yourself.

Q.2) “What is your greatest accomplishment ? ” or “Tell me about an achievement of which you are proud?”

Ans.2) ” I was the captain of my school team.” ” I successfully cleared my maths exam in one attempt.” Well this is definitely not the right answer. Try to explain the achievement related to work and showcase the skills you used to achieve it. This is the right time to show how you can help a particular company. For example if you answer “ ’my greatest achievement has been to design a new system thus improving our debtors’ position significantly, saving the company 50,00 Rs. per month in interest’. or “How you solved a problem which company was facing by doing a thorough research”. Try to give exact answer instead of going round and round.



Q.3)”What are your strengths ? “

Ans.3) Don’t get confused with your strengths and your accomplishment. Strength is used to achieve these accomplishments. So don’t mix these two questions. Focus on giving your strengths which you think is related to job. “Ability to learn quickly, dedication towards work, punctuality, positive attitude, ability to mix up with people” these are few strengths which you can add but make sure you have this as you might be asked how. In that case you have to give an example related to that strength so be prepared.

Q.4)”What is your greatest weakness ? ” or “What are your weakness ? “

Ans.4) One of the trickiest question. Do not say that you have no weakness. Obviously you have a weakness, you are not a God or a Robot. This is the time to show your creativity. Make your strength as your weakness. Do not ever say that I am emotional or my family is my weakness. Try to give example where you had a weakness but how you over came it. One example could be, ‘I know my team think I’m too demanding at times - I tend to drive them pretty hard but this is how work is done”  Another example ” Getting into the depth of the work and analyzing every detail is yet another problem I am facing”. So this is a double edged answer which you can give.

Q.5) “Why did you leave your last job ?” or “What do you dislike about your last job?”

Ans.5) Never ever complain or blame your last job or the company you were working with. Never give less salary as an excuse as why you left the job. Be cautious about your answer. The safest way to answer is that you were not getting enough challenges their or how this job is a better job for your growth. Answer confidently how you are looking for a new challenge, a new environment where you can work for what you are trained.

Q.6) “What is the worst problem you have ever faced and how you tackled it ? “

Ans.6) Be ready, another tricky question is on the way. By asking this question the interviewer wants to know what is your definition of difficulty, what are your weakness, how do you react on a problem etc. Don’t ever explain any personal problem. Try to give an example related to work. Rather than focusing on the problem concentrate more on how you solved it. Try to end it on a positive note where you solved the problem. 

Q.7) “Why do you want to work with us ? ” or “Why did you applied for this job ?”

Ans.7)Time to attack. This is the correct time to show that you are prepared and had done your research work.Answer how much you know about the organisation and how the job fits you. Explain by taking the positive points of the company. Answer like ” I would love to join an organisation which not only produces goods and sale them but also makes a inevitable relationship with the customers.” Don’t show yourself like you are buttering. Stick to the point and explain everything you know about the organisation. 

Q.8) “Where do you see yourself after 5 years ? “

Ans.8) So here is another question which can destroy your chances of getting selected. By asking this question the interviewer wants to know whether you are dedicated towards your work or not, whether you have set any goal or not. Try to explain your future goals and show how much you are concerned about your future. It shows how responsible you are.
“I would hope that by then my hard work and enthusiasm would have led to increased recognition and responsibility within the organisation.” – best answer you can give. 

Q.9) “How much you are expecting for salary?”

Ans.9) Don’t get excited you are not yet selected. Directly answering a certain amount will ruin the game. Try to give your answer in a range like 30k to 35k. Do a proper research on how much the job is worth of. There are chances that you might answer with a low amount and end up with a low salary. So do your homework sincerely. Another way you can reply is by asking a question how much salary the position warrants. Don’t ever let the interviewer think that money is your only and top most priority. 

Q.10) “Do you have any question you want to ask ? “

Ans.10) This is probably the last question. So here is your chance to end this on a positive note. Don’t leave this chance of becoming an interviewer otherwise it would be considered that you are not much interested in the job. Don’t ask the obvious questions whose answers you could have by proper research. Try to ask about working hours, your area of work, kind of people you would wok with.

Always remember “IF YOU FAIL TO PLAN, YOU PLAN TO FAIL”

ALL THE BEST !!!!





दो बाज और एक किसान

knowledge sakar
दो  बाज

बहुत समय पहले की बात है , एक राजा को उपहार में किसी ने बाज के दो बच्चे भेंट किये । वे बड़ी ही अच्छी नस्ल के थे , और राजा ने कभी इससे पहले इतने शानदार बाज नहीं देखे थे।

राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक अनुभवी आदमी को नियुक्त कर दिया।

जब कुछ महीने बीत गए तो राजा ने बाजों को देखने का मन बनाया , और उस जगह पहुँच गए जहाँ उन्हें पाला जा रहा था। राजा ने देखा कि दोनों बाज काफी बड़े हो चुके थे और अब पहले से भी शानदार लग रहे थे ।

राजा ने बाजों की देखभाल कर रहे आदमी से कहा, ” मैं इनकी उड़ान देखना चाहता हूँ , तुम इन्हे उड़ने का इशारा करो । “

आदमी ने ऐसा ही किया।

इशारा मिलते ही दोनों बाज उड़ान भरने लगे , पर जहाँ एक बाज आसमान की ऊंचाइयों को छू रहा था , वहीँ दूसरा , कुछ ऊपर जाकर वापस उसी डाल पर आकर बैठ गया जिससे वो उड़ा था।

ये देख , राजा को कुछ अजीब लगा.

“क्या बात है जहाँ एक बाज इतनी अच्छी उड़ान भर रहा है वहीँ ये दूसरा बाज उड़ना ही नहीं चाह रहा ?”, राजा ने सवाल किया।

” जी हुजूर , इस बाज के साथ शुरू से यही समस्या है , वो इस डाल को छोड़ता ही नहीं।”

राजा को दोनों ही बाज प्रिय थे , और वो दुसरे बाज को भी उसी तरह उड़ना देखना चाहते थे।

अगले दिन पूरे राज्य में ऐलान करा दिया गया कि जो व्यक्ति इस बाज को ऊँचा उड़ाने में कामयाब होगा उसे ढेरों इनाम दिया जाएगा।

फिर क्या था , एक से एक विद्वान् आये और बाज को उड़ाने का प्रयास करने लगे , पर हफ़्तों बीत जाने के बाद भी बाज का वही हाल था, वो थोडा सा उड़ता और वापस डाल पर आकर बैठ जाता।

फिर एक दिन कुछ अनोखा हुआ , राजा ने देखा कि उसके दोनों बाज आसमान में उड़ रहे हैं। उन्हें अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ और उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति का पता लगाने को कहा जिसने ये कारनामा कर दिखाया था।

वह व्यक्ति एक किसान था।

अगले दिन वह दरबार में हाजिर हुआ। उसे इनाम में स्वर्ण मुद्राएं भेंट करने के बाद राजा ने कहा , ” मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ , बस तुम इतना बताओ कि जो काम बड़े-बड़े विद्वान् नहीं कर पाये वो तुमने कैसे कर दिखाया। “

“मालिक ! मैं तो एक साधारण सा किसान हूँ , मैं ज्ञान की ज्यादा बातें नहीं जानता , मैंने तो बस वो डाल काट दी जिसपर बैठने का बाज आदि हो चुका था, और जब वो डाल ही नहीं रही तो वो भी अपने साथी के साथ ऊपर उड़ने लगा। “

दोस्तों, हम सभी ऊँचा उड़ने के लिए ही बने हैं। लेकिन कई बार हम जो कर रहे होते है उसके इतने आदि हो जाते हैं कि अपनी ऊँची उड़ान भरने की , कुछ बड़ा करने की काबिलियत को भूल जाते हैं। यदि आप भी सालों से किसी ऐसे ही काम में लगे हैं जो आपके सही potential के मुताबिक नहीं है तो एक बार ज़रूर सोचिये कि कहीं आपको भी उस डाल को काटने की ज़रुरत तो नहीं जिसपर आप बैठे हुए हैं ? 

knowledge sakar

बाज और किसान...
बाज और किसान...
बहुत समय पहले की बात है , एक राजा को उपहार में किसी ने बाज के दो बच्चे भेंट किये । वे बड़ी ही अच्छी नस्ल के थे , और राजा ने कभी इससे पहले इतने शानदार बाज नहीं देखे थे।

राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक अनुभवी आदमी को नियुक्त कर दिया।

जब कुछ महीने बीत गए तो राजा ने बाजों को देखने का मन बनाया , और उस जगह पहुँच गए जहाँ उन्हें पाला जा रहा था। राजा ने देखा कि दोनों बाज काफी बड़े हो चुके थे और अब पहले से भी शानदार लग रहे थे ।

राजा ने बाजों की देखभाल कर रहे आदमी से कहा, ” मैं इनकी उड़ान देखना चाहता हूँ , तुम इन्हे उड़ने का इशारा करो । “

आदमी ने ऐसा ही किया।

इशारा मिलते ही दोनों बाज उड़ान भरने लगे , पर जहाँ एक बाज आसमान की ऊंचाइयों को छू रहा था , वहीँ दूसरा , कुछ ऊपर जाकर वापस उसी डाल पर आकर बैठ गया जिससे वो उड़ा था।

ये देख , राजा को कुछ अजीब लगा.

“क्या बात है जहाँ एक बाज इतनी अच्छी उड़ान भर रहा है वहीँ ये दूसरा बाज उड़ना ही नहीं चाह रहा ?”, राजा ने सवाल किया।

” जी हुजूर , इस बाज के साथ शुरू से यही समस्या है , वो इस डाल को छोड़ता ही नहीं।”

राजा को दोनों ही बाज प्रिय थे , और वो दुसरे बाज को भी उसी तरह उड़ना देखना चाहते थे।

अगले दिन पूरे राज्य में ऐलान करा दिया गया कि जो व्यक्ति इस बाज को ऊँचा उड़ाने में कामयाब होगा उसे ढेरों इनाम दिया जाएगा।

फिर क्या था , एक से एक विद्वान् आये और बाज को उड़ाने का प्रयास करने लगे , पर हफ़्तों बीत जाने के बाद भी बाज का वही हाल था, वो थोडा सा उड़ता और वापस डाल पर आकर बैठ जाता।

फिर एक दिन कुछ अनोखा हुआ , राजा ने देखा कि उसके दोनों बाज आसमान में उड़ रहे हैं। उन्हें अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ और उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति का पता लगाने को कहा जिसने ये कारनामा कर दिखाया था।

वह व्यक्ति एक किसान था।

अगले दिन वह दरबार में हाजिर हुआ। उसे इनाम में स्वर्ण मुद्राएं भेंट करने के बाद राजा ने कहा , ” मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ , बस तुम इतना बताओ कि जो काम बड़े-बड़े विद्वान् नहीं कर पाये वो तुमने कैसे कर दिखाया। “

“मालिक ! मैं तो एक साधारण सा किसान हूँ , मैं ज्ञान की ज्यादा बातें नहीं जानता , मैंने तो बस वो डाल काट दी जिसपर बैठने का बाज आदि हो चुका था, और जब वो डाल ही नहीं रही तो वो भी अपने साथी के साथ ऊपर उड़ने लगा। “

दोस्तों, हम सभी ऊँचा उड़ने के लिए ही बने हैं। लेकिन कई बार हम जो कर रहे होते है उसके इतने आदि हो जाते हैं कि अपनी ऊँची उड़ान भरने की , कुछ बड़ा करने की काबिलियत को भूल जाते हैं। यदि आप भी सालों से किसी ऐसे ही काम में लगे हैं जो आपके सही potential के मुताबिक नहीं है तो एक बार ज़रूर सोचिये कि कहीं आपको भी उस डाल को काटने की ज़रुरत तो नहीं जिसपर आप बैठे हुए हैं ? - See more at: http://www.oyepages.com/blog/view/id/532835b7bc54b27877000002#sthash.Ybq54CRa.dpuf
बहुत समय पहले की बात है , एक राजा को उपहार में किसी ने बाज के दो बच्चे भेंट किये । वे बड़ी ही अच्छी नस्ल के थे , और राजा ने कभी इससे पहले इतने शानदार बाज नहीं देखे थे।

राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक अनुभवी आदमी को नियुक्त कर दिया।

जब कुछ महीने बीत गए तो राजा ने बाजों को देखने का मन बनाया , और उस जगह पहुँच गए जहाँ उन्हें पाला जा रहा था। राजा ने देखा कि दोनों बाज काफी बड़े हो चुके थे और अब पहले से भी शानदार लग रहे थे ।

राजा ने बाजों की देखभाल कर रहे आदमी से कहा, ” मैं इनकी उड़ान देखना चाहता हूँ , तुम इन्हे उड़ने का इशारा करो । “

आदमी ने ऐसा ही किया।

इशारा मिलते ही दोनों बाज उड़ान भरने लगे , पर जहाँ एक बाज आसमान की ऊंचाइयों को छू रहा था , वहीँ दूसरा , कुछ ऊपर जाकर वापस उसी डाल पर आकर बैठ गया जिससे वो उड़ा था।

ये देख , राजा को कुछ अजीब लगा.

“क्या बात है जहाँ एक बाज इतनी अच्छी उड़ान भर रहा है वहीँ ये दूसरा बाज उड़ना ही नहीं चाह रहा ?”, राजा ने सवाल किया।

” जी हुजूर , इस बाज के साथ शुरू से यही समस्या है , वो इस डाल को छोड़ता ही नहीं।”

राजा को दोनों ही बाज प्रिय थे , और वो दुसरे बाज को भी उसी तरह उड़ना देखना चाहते थे।

अगले दिन पूरे राज्य में ऐलान करा दिया गया कि जो व्यक्ति इस बाज को ऊँचा उड़ाने में कामयाब होगा उसे ढेरों इनाम दिया जाएगा।

फिर क्या था , एक से एक विद्वान् आये और बाज को उड़ाने का प्रयास करने लगे , पर हफ़्तों बीत जाने के बाद भी बाज का वही हाल था, वो थोडा सा उड़ता और वापस डाल पर आकर बैठ जाता।

फिर एक दिन कुछ अनोखा हुआ , राजा ने देखा कि उसके दोनों बाज आसमान में उड़ रहे हैं। उन्हें अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ और उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति का पता लगाने को कहा जिसने ये कारनामा कर दिखाया था।

वह व्यक्ति एक किसान था।

अगले दिन वह दरबार में हाजिर हुआ। उसे इनाम में स्वर्ण मुद्राएं भेंट करने के बाद राजा ने कहा , ” मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ , बस तुम इतना बताओ कि जो काम बड़े-बड़े विद्वान् नहीं कर पाये वो तुमने कैसे कर दिखाया। “

“मालिक ! मैं तो एक साधारण सा किसान हूँ , मैं ज्ञान की ज्यादा बातें नहीं जानता , मैंने तो बस वो डाल काट दी जिसपर बैठने का बाज आदि हो चुका था, और जब वो डाल ही नहीं रही तो वो भी अपने साथी के साथ ऊपर उड़ने लगा। “

दोस्तों, हम सभी ऊँचा उड़ने के लिए ही बने हैं। लेकिन कई बार हम जो कर रहे होते है उसके इतने आदि हो जाते हैं कि अपनी ऊँची उड़ान भरने की , कुछ बड़ा करने की काबिलियत को भूल जाते हैं। यदि आप भी सालों से किसी ऐसे ही काम में लगे हैं जो आपके सही potential के मुताबिक नहीं है तो एक बार ज़रूर सोचिये कि कहीं आपको भी उस डाल को काटने की ज़रुरत तो नहीं जिसपर आप बैठे हुए हैं ? - See more at: http://www.oyepages.com/blog/view/id/532835b7bc54b27877000002#sthash.Ybq54CRa.dpuf
बहुत समय पहले की बात है , एक राजा को उपहार में किसी ने बाज के दो बच्चे भेंट किये । वे बड़ी ही अच्छी नस्ल के थे , और राजा ने कभी इससे पहले इतने शानदार बाज नहीं देखे थे।

राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक अनुभवी आदमी को नियुक्त कर दिया।

जब कुछ महीने बीत गए तो राजा ने बाजों को देखने का मन बनाया , और उस जगह पहुँच गए जहाँ उन्हें पाला जा रहा था। राजा ने देखा कि दोनों बाज काफी बड़े हो चुके थे और अब पहले से भी शानदार लग रहे थे ।

राजा ने बाजों की देखभाल कर रहे आदमी से कहा, ” मैं इनकी उड़ान देखना चाहता हूँ , तुम इन्हे उड़ने का इशारा करो । “

आदमी ने ऐसा ही किया।

इशारा मिलते ही दोनों बाज उड़ान भरने लगे , पर जहाँ एक बाज आसमान की ऊंचाइयों को छू रहा था , वहीँ दूसरा , कुछ ऊपर जाकर वापस उसी डाल पर आकर बैठ गया जिससे वो उड़ा था।

ये देख , राजा को कुछ अजीब लगा.

“क्या बात है जहाँ एक बाज इतनी अच्छी उड़ान भर रहा है वहीँ ये दूसरा बाज उड़ना ही नहीं चाह रहा ?”, राजा ने सवाल किया।

” जी हुजूर , इस बाज के साथ शुरू से यही समस्या है , वो इस डाल को छोड़ता ही नहीं।”

राजा को दोनों ही बाज प्रिय थे , और वो दुसरे बाज को भी उसी तरह उड़ना देखना चाहते थे।

अगले दिन पूरे राज्य में ऐलान करा दिया गया कि जो व्यक्ति इस बाज को ऊँचा उड़ाने में कामयाब होगा उसे ढेरों इनाम दिया जाएगा।

फिर क्या था , एक से एक विद्वान् आये और बाज को उड़ाने का प्रयास करने लगे , पर हफ़्तों बीत जाने के बाद भी बाज का वही हाल था, वो थोडा सा उड़ता और वापस डाल पर आकर बैठ जाता।

फिर एक दिन कुछ अनोखा हुआ , राजा ने देखा कि उसके दोनों बाज आसमान में उड़ रहे हैं। उन्हें अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ और उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति का पता लगाने को कहा जिसने ये कारनामा कर दिखाया था।

वह व्यक्ति एक किसान था।

अगले दिन वह दरबार में हाजिर हुआ। उसे इनाम में स्वर्ण मुद्राएं भेंट करने के बाद राजा ने कहा , ” मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ , बस तुम इतना बताओ कि जो काम बड़े-बड़े विद्वान् नहीं कर पाये वो तुमने कैसे कर दिखाया। “

“मालिक ! मैं तो एक साधारण सा किसान हूँ , मैं ज्ञान की ज्यादा बातें नहीं जानता , मैंने तो बस वो डाल काट दी जिसपर बैठने का बाज आदि हो चुका था, और जब वो डाल ही नहीं रही तो वो भी अपने साथी के साथ ऊपर उड़ने लगा। “

दोस्तों, हम सभी ऊँचा उड़ने के लिए ही बने हैं। लेकिन कई बार हम जो कर रहे होते है उसके इतने आदि हो जाते हैं कि अपनी ऊँची उड़ान भरने की , कुछ बड़ा करने की काबिलियत को भूल जाते हैं। यदि आप भी सालों से किसी ऐसे ही काम में लगे हैं जो आपके सही potential के मुताबिक नहीं है तो एक बार ज़रूर सोचिये कि कहीं आपको भी उस डाल को काटने की ज़रुरत तो नहीं जिसपर आप बैठे हुए हैं ? - See more at: http://www.oyepages.com/blog/view/id/532835b7bc54b27877000002#sthash.Ybq54CRa.dpuf

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 admin:THAT IS MYSELF SANJAY KUMAR AKELA
I am a student, pursuing BTech.

I am a tech crazy guy interested and passionate about technology - Computers, Software, Cyber Security, Mobile Phones and all kinds of gadgets and gizmos one could possibly think of.

I love reading (except scholastic and academic stuffs (except the ones which are not at all related to practical knowledge)), romantic novels and tech magazines. =D

I am very much enthusiastic about an adventurous and fun filled life, but find myself lazy in leading to it.

No no no.. I am not to be blamed for this. Those enthusiastic stuffs fail to convince me better than my laptop or mobile or my sleep.. :)

I had thought of a great quotation to put in here, but don't remember it now (still undergoing memory improvement techniques), and couldn't bookmark the page either.
SAKAR